भारतीय रेल का इतिहास एवं प्रगति
भारतीय रेल को देश की जीवन रेखा कहा जाता है। हमारे देश में परिवहन का सबसे बड़ा साधन रेलवे है। विश्व में पहली रेलगाड़ी 27 सितंबर 1825 को इंग्लैण्ड में स्टाकटन से डार्लिंगटन के बीच चलायी गई। यह लोकोमोशन नाम की गाड़ी 37 किमी की दूरी 01 घंटे 30 मिनट में तय की थी।
भारत में पहली रेलगाड़ी बम्बई से थाणे के बीच चली, जिसने 21 मील की दूरी तय की थी। औपचारिक उदघाटन समारोह का आयोजन 16 अप्रैल 1853 को हुआ, जब लगभग 400 अतिथियों के साथ 14 सवारी डिब्बों वाली रेलगाड़ी सायं 3.30 बजे एक विशाल जनसमूह की करतल ध्वनि और 21 तोपों की सलामी के बीच बोरीबंदर से थाणे के लिए रवाना हुई। तत्पश्चात 15 अगस्त 1854 को 24 मील की दूरी तय करते हुए हावड़ा से हुगली स्टेशन के बीच गाड़ी चलाई गई, जो ईस्ट इंडियन रेलवे का पहला सेक्शन यात्री यातायात के लिए चालू हुआ, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप के पूर्वी हिस्से में रेल यातायात की शुरुआत हुई।
